Watch
शनिवार, 9 जनवरी 2021
ध्यान से दुरी या नजदीकी
क्या ध्यान के विमान पर बैठकर हम उड़ सकते हैं, अपनी असफलताओं को अपनी दुविधाओं को दूर कर सकते हैं। ध्यान क्या कोई राज-मार्ग है जो सामान्य सड़क से अलग है, जहाँ इस तरह की यातायात की उथल पुथल नहीं है। क्या इन वाहनों का कोलाहल नहीं है वहाँ, यही वे प्रश्न हैं जो चिर काल से सामान्य व्यक्ति अपने ध्यान से दुरी और नजदीकी के अंतर को खोजता रहता है। आइये कुछ ध्यान पर ध्यान दें
सदस्यता लें
टिप्पणियाँ भेजें (Atom)
कलाम 19
दर्द-ए-इश्क़ दिल को दुखाता है बहुत विसाल-ए-यार अब याद आता है बहुत ज़ब्त से काम ले अ' रिंद-ए-खराब अब मयखाने में दौर-ए-ज़ाम आता है बहुत साक़ी...
-
इश्क़ में दीवानों का ये हाल देखा है बेगानों को होते हम-ख़याल देखा है दीदार-ए-यार में मिलता है वो लुत्फ़ हँसते हुए हर एक परेशान देखा है समझ न आ...
-
ऐसे बहुत से शायर हैं, जिनके शेर का दूसरा मिसरा (line) इतना मशहूर हुआ, कि लोग पहले मिसरे (line) को तो भूल ही गये। ऐसे ही, चन्द उदाहरण यहाँ ...
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें