Watch

शनिवार, 16 जनवरी 2021

दिव्यता कैसे प्राप्त हो

 आत्मा और परमात्मा के मध्य एक व्यक्ति और है जिसने आत्मा होते हुए परमात्मा से साक्षात्कार किया है, उसे दिव्य आत्मा कहते हैं उस दिव्य आत्मा को एक पुलिया का काम करना आता है और बड़ी सहजता से वह उस कार्य को करता है। आत्मा को परमात्मा से जोड़ देता है। तो यहां आत्मा परमात्मा और दिव्य आत्मा तीन हो गए। दिव्य आत्मा कभी आत्मा था पर वह भी किसी दिव्य आत्मा के सान्निध्य में रहकर दिव्य आत्मा हुआ। यानी शिष्य था जो अब गुरु है और जो अब शिष्य है या शिष्य बनेगा वह बिलकुल सहजता से धीरे धीरे एक दिन गुरु बन जाएगा। यह निरन्तर चलने वाला प्रवाह है। 

~पवन राज सिंह

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

Aaya Nahin Kahin se