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कलाम 19
दर्द-ए-इश्क़ दिल को दुखाता है बहुत विसाल-ए-यार अब याद आता है बहुत ज़ब्त से काम ले अ' रिंद-ए-खराब अब मयखाने में दौर-ए-ज़ाम आता है बहुत साक़ी...
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कोन है जो इश्क़ में सब निसार करे राहे-इश्क़ में जो खुद को कुरबान करे आशिक़ कहेंगे उसको इस जहाँ में लोग कूचा-ए-यार में जो ख़ुदको बदनाम करे भटक न...
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आजकल बजट का समय चल रहा है इन दिनों सब और वही बातें हो रही हैं, क्या आप जानते हैं परमेश्वर ने जगत को बनाने से पहले कोई बजट बनाया होगा आईये इ...
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